: बलवा और आर्म्स एक्ट के अपराध में आठ आरोपी जेल दाखिल
Wed, Jun 26, 2024
रायगढ़ - गत दिवस आरोपियों के झगड़ा - मारपीट की वायरल वीडियो पर संज्ञान लेकर कोतवाली पुलिस ने बलवा और आर्म्स एक्ट के अपराध में तलवार , हाकी स्टीक जप्त कर आठ आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया , जहां से सभी आरोपियों को न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेज दिया गया। इन गिरफ्तार आरोपियों में से छह आरोपियों के विरुद्ध शहर के थानों में कई संगीन अपराध दर्ज है।
पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में इस मामले का खुलासा करते हुये एएसपी आकाश मरकाम ने बताया गत दिवस 15 जून की शाम थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक सुखनंदन पटेल को नटवर स्कूल के सामने कुछ लड़कों द्वारा हाथ में तलवार , हॉकी स्टीक लेकर आपस में बहसबाजी , झगड़ा मारपीट करने की सूचना मिली। थाना प्रभारी , पेट्रोलिंग स्टाफ के साथ मौके पर पहुंचे , जहां इकट्ठे हुये लड़के मौके से भाग गये थे । घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने पर कोतवाली पुलिस द्वारा वीडियो को संज्ञान में लेकर वायरल वीडियो में हथियार लहराने वाले व्यक्ति चाहत शुक्ला निवासी रेलवे कालोनी , राजू श्रीवास निवासी ईलामाल , अभिषेक ठाकुर निवासी सोनिया नगर रायगढ़ , सोनू ठाकुर निवासी सोनिया नगर रायगढ़ तथा अन्यों के विरुद्ध थाना कोतवाली में उसी रात अपराध क्रमांक 366/2024 धारा 25, 27 आर्म्स एक्ट का अपराध कायम किया गया। पुलिस अधीक्षक दिव्यांग कुमार पटेल के दिशा निर्देशन पर घटना को गंभीरता से लेते हुये थाना प्रभारी कोतवाली द्वारा वायरल वीडियो की पुष्टि के लिये घटनास्थल के पास दुकान लगाने वालों तथा वायरल वीडियो के गवाहों से पूछताछ कर घटना में शामिल आरोपियों की धरपकड़ की गई। जिसमें घटना में शामिल रहे आठ आरोपी आदित्य शुक्ला उर्फ चाहत , आदित्य श्रीवास उर्फ राजू श्रीवास , अभिषेक ठाकुर , दीपक ठाकुर उर्फ सोनू ठाकुर , विक्की दास महंत , भौमिक चौहान , निखिल ठाकुर और करन चौहान को हिरासत में लिया गया। जिनके मेमोरेंडम पर चार छोटे-बड़े तलवार और एक हॉकी स्टीक की जप्ती की गई है तथा गवाहों से आरोपियों की पहचान कार्यवाही कराया गया। आरोपियों ने बताया 14 जून को आदित्य श्रीवास उर्फ राजू श्रीवास और अभिषेक ठाकुर जेल में निरूद्ध उनके साथी बजरंग यादव से मिलने गये थे , जहां किसी बात को लेकर दोनों में झगड़ा विवाद हुआ। जिस पर राजू श्रीवास ने अपने साथी चाहत शुक्ला और साथियों अभिषेक ठाकुर को मारपीट का प्लान बनाया और 15 जून को हथियार लेकर नटवर स्कूल के पास मारपीट के इरादे से पहुंचे थे। प्रकरण में आरोपियों को बलवा की धारा 147, 148, 149 आईपीसी के तहत विधिवत गिरफ्तार कर कोतवाली पुलिस ने माननीय न्यायालय में पेश किया , जहां से उन्हें न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेज दिया गया। इन गिरफ्तार आरोपियों में छह आरोपियों के विरुद्ध शहर के थानों में कई संगीन अपराध दर्ज है। आरोपी आदित्य शुक्ला उर्फ चाहत शुक्ला पर लूटपाट , हत्या के प्रयास समेत सोलह आपराधिक मामले , आरोपी अभिषेक सिंह पर आर्म्स एक्ट , मारपीट के दस मामले, आरोपी सोनू ठाकुर पर मारपीट के छह मामले , आरोपी भौमिक चौहान पर मारपीट और बलवा के तीन मामले , आरोपी करन चौहान पर बलवा समेत के मारपीट के चार मामले , आरोपी राजू उर्फ आदित्य श्रीवास पर हत्या के प्रयास समेत मारपीट के चार मामले दर्ज है । सीएसपी आकाश शुक्ला एवं डीएसपी साइबर सेल अभिनव उपाध्याय के नेतृत्व में आरोपियों की गिरफ्तारी की कार्यवाही में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक सुखनंदन पटेल , सहायक उप निरीक्षक इगेश्वर यादव , गौतम सिंह ठाकुर , प्रधान आरक्षक दिलीप भानु , श्रीराम साहू , हेमंत पात्रे , जगदीश नायक , राजेश पटेल , बृजलाल गुर्जर(साइबर सेल) आरक्षक जगमोहन ओग्रे , मनोज पटनायक , संदीप मिश्रा एवं साइबर सेल के धनंजय कश्यप , महेश पंडा , प्रशांत पंडा , पुष्पेन्द्र जाटवर , विक्रम सिंह , रविन्द्र गुप्ता और महिला आरक्षक मेनका चौहान की अहम भूमिका रही।गिरफ्तार आरोपीगण -आदित्य शुक्ला उर्फ चाहत पिता अरुण कुमार शुक्ला उम्र 24 वर्ष निवासी रेलवे मोटर स्टैण्ड के पीछे रेलवे कॉलोनी थाना कोतवाली रायगढ़ , आदित्य श्रीवास उर्फ राजू श्रीवास पिता प्रहलाद श्रीवास उम्र 23 वर्ष निवासी कलमीडिपा ईला मॉल के पीछे थाना कोतरारोड रायगढ़ , अभिषेक ठाकुर पिता प्रहलाद ठाकुर उम्र 23 वर्ष निवासी सोनिया नगर कोतरारोड थाना कोतवाली रायगढ़ , दीपक ठाकुर उर्फ सोनू ठाकुर पिता प्रहलाद ठाकुर उम्र 26 वर्ष निवासी सोनिया नगर कोतरारोड सिटी कोतवाली रायगढ़ , विक्की दास महंत पिता निरंजन दास महंत उम्र 23 वर्ष सोनिया नगर कोतरारोड थाना कोतवाली रायगढ़ , भौमिक चौहान पिता हृदय प्रसाद चौहान उम्र 21 वर्ष निवासी विकास नगर गली नंबर 03 अंबेडकर आवास थाना सिटी कोतवाली रायगढ़ , निखिल ठाकुर पिता लखन ठाकुर उम्र 19 वर्ष निवासी कोतरारोड रेलवे बंगला पर स्वामी विवेकानंद स्कूल के सामने थाना सिटी कोतवाली रायगढ़ और करन चौहान पिता धनकुमार चौहान उम्र 18 वर्ष निवासी कोतरारोड़ विकास नगर गली नंबर 03 सामने थाना सिटी कोतवाली रायगढ छत्तीसगढ़।
: इस कलिकाल में भी मोक्षदायिनी है श्रीमद्भागवत कथा - पं० राहुल दुबे
Wed, Jun 26, 2024
रायपुर - श्रीमद्भागवत कथा को अमर कथा माना गया है , यह कथा हमें मुक्ति का मार्ग दिखलाती हैं। जो जीव श्रद्धा और विश्वास के साथ मात्र एक बार इस कथा को श्रवण कर लेता है उनका जीवन सुखमय हो जाता है , वह सदैव के लिये मोक्ष की प्राप्ति कर लेता है और उसे सांसारिक बंधनों के चक्कर मे आना नही पड़ता। इस कलिकाल में मोक्ष दिलाने वाला श्रीमद्भागवत महापुराण कथा से कोई अन्य श्रेष्ठ मार्ग नही है। इस कलियुग में भी मनुष्य श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण कर अपना कल्याण कर सकता हैं , वह भगवान के नाम स्मरण मात्र से भगवत् शरणागति की प्राप्त कर अपने जीवन को धन्य बना सकता है।
उक्त बातें बेमेतरा छत्तीसगढ़ हींगलाज सेना के द्वारा उत्तराखंड स्थित श्रीबद्रीनाथ धाम की पावन धरा में आयोजित संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिवस भागवताचार्य पं० राहुल दुबे ने सप्तम दिवस भक्तों को कथा का रसपान कराते हुये कही। महाराजश्री ने बताया कि परीक्षित को ऋषि पुत्र द्वारा सातवें दिन मरने का श्राप दिया गया था। उन्होंने अन्य उपाय के बजाय श्रीमद्भागवत की कथा का श्रवण किया और मोक्ष को प्राप्त कर भगवान के बैकुण्ठ धाम को चले गये। ऐसे श्रीमद्भागवत कथा श्रवण करने का सौभाग्य केवल श्रीकृष्ण की असीम कृपा से ही प्राप्त हो सकती है। कथा सुनाने के बाद श्रीशुकदेवजी ने राजा परिक्षित को पूछा राजन् मरने से डर लग रहा हैं क्या ? तब राजा ने कहा महाराज मृत्यु तो केवल शरीर की होती हैं आत्मा तो अमर होती हैं , भागवत कथा सुनने के बाद अब मेरा मृत्यु से कोई डर नही हैं औऱ अब मैं भगवत्प्राप्ति करना चाहता हूँ। मुझे कथा श्रवण कराने वाले सुकदेवजी आपकों कोटि-कोटि मेरा प्रणाम कहकर परीक्षित ने श्री शुकदेवजी को विदा किया। इसके बाद तक्षक सर्प आया और राजा परीक्षित के शरीर को डसकर लौट गया। परीक्षित की आत्मा तो पहले ही श्रीकृष्ण की चरणारविन्द में समा चुकी थी और कथा के प्रभाव से अंत में उन्हें मोक्ष प्राप्त हो गया। महाराजश्री ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा सुनने के प्रभाव से राजा परीक्षित को मोक्ष प्राप्त होता है। परीक्षित को जब मोक्ष हुआ तो ब्रह्माजी ने अपने लोक में तराजू के एक पलडे़ में सारे धर्म और दूसरे में श्रीमद्भागवत को रखा तो भागवत का ही पलड़ा भारी रहा। अर्थात श्रीमद्भागवत ही सारे वेद पुराण शास्त्रों का मुकुट है। इधर पिता की मृत्यु को देखकर राजा परीक्षित के पुत्र जनमेजय क्रोधित होकर सर्प नष्ट हेतु आहुतियांँ यज्ञ में डलवाना शुरू कर देते हैं जिनके प्रभाव से संसार के सभी सर्प यज्ञ कुंडों में भस्म होना शुरू हो जाते हैं तब देवता सहित सभी ऋषि मुनि राजा जनमेजय को समझाते हैं और उन्हें ऐसा करने से रोकते हैं। इसके पहले आचार्यश्री ने सुदामा चरित्र की कथा पर प्रकाश डालते हुये कहा कि सुदामा संसार में सबसे अनोखे भक्त रहे हैं। वे जीवन में जितने गरीब नजर आये , उतने ही वे मन से धनवान थे। उन्होंने अपने सुख व दुखों को भगवान इच्छा पर सौंप दिया था। जब सुदामा द्वारिकापुरी पहुंचे तो द्वारपाल के मुख से सुदामा का नाम सुनते ही द्वारिकाधीश नंगे पांव मित्र की अगुवानी करने राजमहल के द्वार पर पहुंचे। बचपन के मित्र को गले लगाकर भगवान श्रीकृष्ण उन्हें राजमहल के अंदर ले गये और अपने सिंहासन पर बैठाकर स्वयं अपने हाथों से उनके पांव पखारे। आचार्यजी ने कहा कि सुदामा से भगवान ने मित्रता का धर्म निभाया और दुनियां के सामने यह संदेश दिया कि जिसके पास प्रेम धन है वह निर्धन नहीं हो सकता। राजा हो या रंक मित्रता में सभी समान हैं और इसमें कोई भेदभाव नहीं होता। मनुष्य को जीवन में श्रीकृष्ण की तरह मित्रता निभानी चाहिये। कथा के अंतिम दिन श्रोताओं की खूब भीड़ रही , इस दिन महाराजश्री ने यदुवंश को ऋषियों का श्राप , यदुकुल का संहार , कलियुग का वर्णन करते हुये गीता पाठ और तुलसी वर्षा , पूर्णाहुति हवन के साथ श्रीमद्भागवत कथा का विश्राम हुआ। इस दौरान सभी हरिभक्तों ने कथा श्रवण कर चढ़ोत्री में भाग लिया , वहीं इस कथा में जोशीमठ के श्रीमज्जगदुरु शंकराचार्य स्वामी श्रीअविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती महाराज ने विशेष रूप से कथास्थल पहुंचकर भक्तों को आशीर्वाद प्रदान किया। इस कथा में श्रीमति चन्द्रकला तिवारी , निक्की तिवारी , राजेश शर्मा , कविता शर्मा , रश्मि दुबे , बसंत पाण्डेय , प्रभाती पाण्डेय , सरोज उपाध्याय और सीमा तिवारी सहित असंख्य धर्मप्रेमी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
: पंचदिवसीय रेंज स्तरीय फिंगरप्रिंट प्रशिक्षण कार्यशाला का हुआ समापन
Wed, Jun 26, 2024
सरगुजा - नेशनल आटोमेटेड फिंगरप्रिंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम के तहत पुलिस अधिकारियो/कर्मचारियों के लिये आयोजित पंचदिवसीय रेंज स्तरीय फिंगरप्रिंट प्रशिक्षण कार्यशाला का आज पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज अंकित गर्ग की गरिमामयी उपस्थिति मे समापन किया गया। प्रशिक्षण कार्यशाला के समापन कार्यक्रम मे पुलिस अधीक्षक सरगुजा योगेश पटेल द्वारा पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज सरगुजा का पुष्प गुच्छ से स्वागत सम्मान किया गया। पुलिस महानिरीक्षक अंकित गर्ग ने प्रशिक्षण कार्यशाला कों सम्बोधित करते हुये कहा कि आगामी महीने से नवीन क़ानून कों रेंज सहित समस्त जिले मे लागू किया जाना है , उक्त कानूनों के परिपालन मे सात वर्ष के ऊपर के सजा के प्रत्येक प्रकरणों मे घटनास्थल का एफएसएल. टीम द्वारा निरीक्षण किया जाना सुनिश्चित किया गया है। इस दिशा मे नये कानूनों के क्रियान्वयन हेतु पुलिस अधिकारियो/कर्मचारियों कों प्राथमिक स्तर पर घटनास्थल मे वैज्ञानिक साक्ष्य कों एकत्रित करने एवं एफएसएल. टीम के पहुंचने तक उक्त साक्ष्य कों सुरक्षित रखने मे महत्वपूर्ण योगदान होगा। इस स्थिति में पुलिस अधिकारियों कर्मचारियों कों फिंगरप्रिंट दर्ज करने का ज्ञान होना आवश्यक है। इसी तारतम्य मे पुलिस मुख्यालय रायपुर के निर्देशानुसार पंच दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन कर फिंगरप्रिंट के तकनिकी एवं वैज्ञानिक पहलु की जानकारी दी गई है। आप सभी प्रशिक्षण में दी गयी जानकारी को सीखकर प्रकरणों के निराकरण मे वैज्ञानिक पहलु कों समाहित कर आरोपियों के दोससिद्धि मे अपना योगदान देंगे। वहीं पुलिस अधीक्षक सरगुजा योगेश पटेल ने प्रशिक्षण कार्यशाला को सम्बोधित करते हुये कहा कि इस पंच दिवसीय फिंगरप्रिंट प्रशिक्षण कार्यशाला से पुलिस अधिकारियो/कर्मचारियों कों घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्रित करने का प्रशिक्षण प्राप्त हुआ है। घटनास्थल से प्राप्त वैज्ञानिक साक्ष्य फिंगरप्रिंट दर्ज करते समय कई सावधानियों का ध्यान रखना पड़ता है , जिससे सम्बंधित व्यक्ति की उपस्थिति घटनास्थल पर होना माना जाता हैं। फिंगरप्रिंट साक्ष्य को माननीय न्यायालय के समक्ष वैज्ञानिक साक्ष्य के रूप मे प्रकरण मे शामिल किया जाता है , जिसकी स्वीकारोक्ति शत प्रतिशत मानी जाती है। आप सभी समय समय पर अपने जिलों मे फिंगरप्रिंट दर्ज करने का अभ्यास करते रहें और नवीन क़ानून के क्रियान्वयन की दिशा मे अपना योगदान देने निर्देशित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम मे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमोलक सिंह ढिल्लो , फिंगरप्रिंट विशेषज्ञ लिनुस किस्पोट्टा , रक्षित निरीक्षक तृप्ति सिंह राजपूत , मास्टर ट्रेनर धर्मेंद्र भारती , कमलेश्वर सिंह उपस्थित रहे। प्रशिक्षण कार्यशाला समाप्त होने पश्चात सभी पुलिस अधिकारियो, कर्मचारियों कों प्रशिक्षण प्रमाण पत्र प्रदान किया गया प्रशिक्षण कार्यशाला मे रेंज स्तर पर लगभग दो सौ पुलिस अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।