: बालको के पहल से महिलाएं बन रही हैं सशक्त एवं आत्मनिर्भर
Tue, Oct 24, 2023
नवरात्रि का त्योहार स्त्रीत्व शक्ति और बुराई पर अच्छाई की जीत का जश्न मनाने में निहित है। यह समाज में महिलाओं को सशक्त बनाने की आवश्यकता पर जोर देता है और पूज्य देवी-देवताओं की तरह चुनौतियों से उबरने की उनकी क्षमता को पहचानता है। नारियों को सशक्त बनाना नवरात्रि की भावना का केंद्र है जो बाधाओं को पार करने, समाज में बदलाव लाने और असमानताओं पर विजय पाने की उनकी शक्ति का उत्सव है।बालको सक्रिय रूप से महिलाओं को अवसर, कौशल और समर्थन के साथ सक्षम बना रहा है जो यह सुनिश्चित करता है कि वे न केवल बाधाओं को दूर करें बल्कि अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बनकर उभरें। आत्मनिर्भर, दृढ़ संकल्प और सफलता की ये कहानियाँ नवरात्रि का प्रतीक हैं, जहाँ महिलाएँ चुनौतियों का सामना करके अपने भविष्य को उज्जवल बना रही हैं।बालको में कार्यरत स्नातक प्रशिक्षु हिमांशी गुप्ता पॉटलाइन फ़ंक्शन में कार्य करती हैं, जो कंपनी के ऑपरेशन क्षेत्र में काम करने वाली कई महिला पेशेवरों में से एक हैं। ऑपरेशन क्षेत्र पुरुषों के लिए उपयुक्त है इस धारणा को पीछे छोड़ती हिमांशी ने संगठन को मजबूत किया है। स्मेल्टर में काम करने की बात सुनकर लोग पूछते हैं कि क्या मेरे आसपास कोई महिला सहकर्मी है। मेरा जवाब होता है कि एक नहीं बल्कि कई हैं। मुस्कुराते हुए वह आगे कहती हैं कि कई युवा लड़कियां और उनके माता-पिता विनिर्माण उद्योग में करियर बनाने, शिक्षा और नौकरी की संभावनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त करने में उत्सुकता व्यक्त करते हैं क्योंकि मैं उत्साहपूर्वक अपने काम के प्रति अपने जुनून को साझा करती हूं।बालको में हेड-प्रोजेक्ट मैंनेजमेंट ऑफिसर के पद पर कार्यरत सुनीला एमवीएस न केवल बालको की विस्तार परियोजना की देखरेख करती हैं, बल्कि वह इंजीनियरों की एक टीम का मार्गदर्शन भी करती हैं जो उनके सहयोगी के रूप में कार्य करते हैं। वह कहती हैं कि प्रबंधकीय कौशल को लैंगिक सीमाओं तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए। बालको में विविधता और समावेशन का अत्यधिक महत्व है जहां महिलाओं को समान अवसरों के साथ आगे बढ़ने का मौका मिलता है। मैं वर्तमान में एक महिला टीम का प्रबंधन करती हूं। एक प्रबंधक के रूप में मेरा लक्ष्य है कि मैं अपने युवा टीम के सदस्यों को उनके करियर में आगे बढ़ने और सफलता की सीढ़ियां चढ़ने के लिए प्रेरित करूं।
बालको अपनी विभिन्न महिला केंद्रित सामुदायिक विकास परियोजनाओं के माध्यम से कंपनी के साथ-साथ समुदाय में महिला को नेतृत्व करने के लिए तैयार किया है जो महिलाओं को सशक्त बना रहा है।दोंदरो, छत्तीसगढ़ की सारिका अपने समुदाय की कई लड़कियों के लिए आशा की किरण बनकर उभरी हैं। वह माहवारी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के बारे में खुले मंच पर संवाद शुरू कर विभिन्न भ्रांतियों एवं बाधाओं को तोड़कर बदलाव की लहर का नेतृत्व करती हैं। समुदाय में एक पथप्रदर्शक के रूप में नेतृत्व करती सारिका को बालको की नयी किरण परियोजना के तहत प्रशिक्षित किया गया है, जिसका उद्देश्य माहवारी संबंधी मिथकों और भ्रातियों को खत्म करना तथा माहवारी के दौरान स्वच्छता प्रथाओं को विकसित करना है। सुरक्षित प्रजनन स्वास्थ्य सुनिश्चित करने के लिए व्यापक माहवारी स्वास्थ्य प्रबंधन (एमएचएम) क्षमता निर्माण से जुड़ा है। सारिका कहती हैं कि मैं सैनिटरी नैपकिन खरीदने या किसी से माहवारी के बारे में बात करने से नहीं कतराती। बालको की नयी किरण परियोजना मेरे लिए आशा की किरण लेकर आया है। आज मैं अपने आस-पास के सभी लोगों को माहवारी को समझने और स्वस्थ, सुखी जीवन के लिए स्वच्छ प्रथाओं में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करती हूं।सरकारी गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल में 10वीं की छात्रा दिव्या अपने शिक्षक की तरह बनने की इच्छा व्यक्त करती हैं। जब उनसे पूछा गया कि ऐसा क्यों है? वह अपनी शिक्षिका उर्मिला की ओर देखकर मुस्कुराती हैं और कहती हैं कि जब मैम मुझे पढ़ाती हैं तो मुझे पढ़ना अच्छा लगता है। उर्मिला उन कई सरकारी शिक्षकों में से एक हैं जिन्हें सीखने के लिए अधिक अनुकूल माहौल बनाने के लिए बालको के प्रोजेक्ट कनेक्ट के तहत शिक्षाशास्त्र और व्यावहारिक-आधारित मॉडल सिखाने के लिए व्यापक रूप से प्रशिक्षित किया गया है।अवसर आपका दरवाजा जरूर खटखटाता है बस आपको उस अवसर के अनुरूप अपनी क्षमता को पहले से विकसित करना पड़ता है। 22 साल की काजल ने बिल्कुल वैसा ही किया वह वेदांता स्किल स्कूल में इलेक्ट्रिकल ट्रेड में सबसे कुशल छात्रा में से एक है। स्किल स्कूल बालको की सीएसआर परियोजना है जो युवाओं को स्थायी आजीविका के लिए कौशल प्रदान करता है। काजल अपनी अन्य महिला सहपाठियों की तरह हर दिन मेहनत करती हैं जिनका लक्ष्य आत्मनिर्भर बनना है। वह कहती हैं कि किसान परिवार से होने के कारण मैंने अपनी आजीविका में अनिश्चितताएं देखी हैं। बालको की मदद से मेरे आत्मविश्वास को मजबूती मिली और सभी बाधाओं को पार किया। इलेक्ट्रिकल ट्रेड के कौशल प्रशिक्षण में कदम रखा जिसने मेरा जीवन बदल दिया है। परिवार अब आय के स्थिर स्रोत के लिए मुझ पर निर्भर है और मेरे समुदाय की लड़कियाँ भी स्वतंत्र बनकर अपने परिवार का समर्थन करने के लिए मुझसे प्रेरणा ले रही हैं।बालको की 'छत्तीसा व्यंजन रेसिपी कार्यशालाओं' से लाभान्वित प्रतिभागी धनेश्वरी ने कहा कि मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं चॉकलेट बनाने और उसे बेचने की कला एवं कौशल सीखूंगी। कार्यशाला से चॉकलेट बनाने के कौशल ने मुझे और अन्य प्रतिभागियों को आत्मनिर्भर बनाया, जिससे हस्तनिर्मित चॉकलेट बेचकर अतिरिक्त आय उत्पन्न करने में सक्षम बनाया है। आज मैं न केवल चॉकलेट उत्पादन और बिक्री में शामिल हूं बल्कि आजीविका के रूप में चॉकलेट बनाने की इच्छा रखने वाली अन्य महिलाओं को ट्रेनिंग देने का कार्य कर रही हूं। धनेश्वरी उन 5700 महिलाओं में से एक हैं, जिन्होंने वित्त वर्ष 2023 में उद्यमिता और स्थायी आजीविका के निर्माण के लिए बालको के प्रोजेक्ट उन्नति के तहत कौशल प्रशिक्षण प्राप्त किया है।एक स्वस्थ और सशक्त माँ समृद्ध समाज का निर्माण करने की क्षमता रखती है। माताओं को उनके बच्चों के लिए आवश्यक पोषण के बारे में जानकारी देना मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य का एक महत्वपूर्ण पहलू है। शुरुआत से ही सही पोषण प्रदान करने से बच्चे की वृद्धि और समग्र विकास पर गहरा प्रभाव पड़ता है।माताओं और बच्चों के लिए पोषण के महत्व पर अपनी शैक्षिक जागरूकता पहल के माध्यम से बालको आसपास के समुदायों में माताओं को सशक्त बनाने में सफल रहा है। सलमा ने बताया कि कैसे इन सत्रों के माध्यम से उनके बेटे रुहान की सेहत में काफी सुधार हुआ था। सत्रों के माध्यम से उन्हें स्वस्थ खाने की आदतों और पौष्टिक भोजन के महत्व के बारे में पता चला। वित्त वर्ष 2023 में बालको के पीडी हर्थ सत्र के माध्यम से पोषण पुनर्वास के लिए पहचाना गया है, जिसमें सलमा के साथ अन्य 430 माताओं को अपने बच्चों के लिए एक उज्जवल और स्वस्थ भविष्य की कल्पना को साकार करने में मदद मिली है।ये कहानियाँ उन परियोजनाओं की एक झलक मात्र है, जिनका जश्न बालको ने ऐसी दुनिया बनाने के अपने मिशन में मनाया है जहां हर महिला अपनी पूरी क्षमता का उपयोग कर सके। बालको में हमारा मानना है कि युवा लड़कियों और माताओं को बेहतर आजीविका और स्वतंत्रता के लिए सशक्त बनाना एक परिवर्तनकारी प्रक्रिया है, जिसमें शिक्षा, कौशल विकास, वित्तीय साक्षरता, स्वास्थ्य देखभाल तक पहुंच और लिंग आधारित बाधाओं को दूर करना शामिल है। वित्त वर्ष 2023 में 50 प्रतिशत से अधिक डायवर्स नियुक्तियां की गई हैं। बालको महिलाओं के जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में कार्य करने के साथ-साथ समग्र रूप से समाज के विकास और प्रगति में भी योगदान दे रहा है।---------------------------------
: परंपरा एवं उल्लास के साथ मां समलेश्वरी की धरा में विसर्जित हुआ जवारा
Tue, Oct 24, 2023
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टचांपा - कोसा , कांसा और कंचन की नगरी एवं मां समलेश्वरी की पावन धरा चांपा में नौ दिन तक चले इस शारदीय नवरात्रि का समापन आज ज्योत जवारा विसर्जन के साथ हुआ। मांदर की थाप और माता के जसगीतों की धुन पर शहर एवं आसपास के हजारों श्रद्धालुओं ने उन्हें श्रद्धा एवं भक्ति भाव से उन्हें विदा किया। मां समलेश्वरी मंदिर प्रांगण से वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिपूर्वक पूजन पश्चात शोभायात्रा के साथ जवारा विसर्जन कार्यक्रम की शुरुआत हुई। लगभग तीन सौ महिलायें सोलह श्रृंगार के साथ पारंपरिक परिधान में गाजे बाजे के साथ सिर पर कलश धारण कर ज्वारा विसर्जन के लिये निकली , जो बड़े ही धार्मिक वातावरण में देर रात्रि शहर के बीच स्थित रामबांधा तालाब में विसर्जित की गई। माता के कई भक्त मुंह में बाना छिदवाकर जवारा विसर्जन के लिये निकले। इसके पहले लगभग मनोकामना पूर्ति हेतु लगभग 250 से अधिक श्रद्धालु भक्त लोट मारते निकले। मां समलेश्वरी मंदिर में इस नवरात्रि में मनोकामना पूर्ति हेतु तीन सौ घृत ज्वारा कलश के साथ दो हजार तेल ज्योति कलश प्रज्वलित किये गये थे। उल्लेखनीय है कि लगभग 1700 ईंसवी में चांपा जमींदारी की स्थापना नेमसिंह के हाथों हुई थी। कुंवर रामसिंह ने सन 1779-1843 में चांपा नगर को बसाया । इस तरह जमींदारी का इतिहास 250 वर्ष प्राचीन हैं। कालान्तर में रतनपुर राज्य से अलग करके इस क्षेत्र को संबलपुर राज्य से मिला दिया गया। वर्ष 1862 में चांपा के भूतपूर्व जमींदार नारायण सिंह ने समलेश्वरी की काले पत्थरों से निर्मित अत्यंत प्राचीन प्रतिमा संबलपुर से लाई और यहां एक छोटे से मंदिर में प्रतिस्थापित करवाई। धर्म और आस्था में विश्वास रखने वाले शशिभूषण सोनी ने बताया कि इस वर्ष बड़े ही हर्षोल्लास के साथ शारदेय नवरात्रि पर्व मनाया गया।आस्था के दीप राजपरिवार के प्रमुख कुंवर भीवेद्र बहादुर सिंह , उनके सुपुत्र आर्यवीर सिंह तथा समिति के कोषाध्यक्ष विजय कुमार सोनी की अगुवाई में सर्वप्रथम दीप प्रज्जवलित कर पूजा-अर्चना किया गया।शशिभूषण ने आगे कहा किंवदंती यह भी हैं कि इस मूर्ति के स्थान पर पहले काष्ठ मूर्ति मंदिर में स्थापित की गई थी। जमींदार रामसिंह के पिताश्री दीवान नारायण सिंह ने अपने शासनकाल में उड़ीसा राज्य के संबलपुर जिले से काले पत्थर की मूर्ति स्थापित एवं प्राण-प्रतिष्ठा की , तब से आज तक अनवरत रुप से यहां पूजा-अर्चना निरंतर चल रहा हैं। संबलपुर से मूर्ति लाने के कारण देवी की मूर्ति को समलेश्वरी देवी के नाम से मान्यता दी गई हैं । सोने-चांदी के आभूषणों में कलाकृति करने वाले वयोवृद्ध शिल्पी , सराफा कारोबारी एवं निराला साहित्य मंडल, चांपा के अध्यक्ष रहें स्वर्गीय मोहित राम सराफ ने जनसहयोग से मंदिर को चांदी का शयनयान एवं मुकुट बनाकर अर्पण किया हैं। समलेश्वरी देवी का दर्शन करने से सारे दुःख दर्द और संकट दूर हो जाते हैं, यही कारण है कि शुभ मांगलिक कार्य करने के पूर्व और पश्चात् लोग समलेश्वरी देवी के मंदिर में दर्शन-पूजन और आशिर्वाद प्राप्त करने अवश्य आते हैं। वहीं मां समलेश्वरी व्यवस्थापन समिति चांपा के कोषाध्यक्ष विजय कुमार सोनी मंगलमय ज्वेलर्स ने विशेष जानकारी देते हुये बताया कि राजा साहब जमींदार परिवार द्वारा स्थापित मां समलेश्वरी की महिमा बड़ी निराली है। मां समलेश्वरी से आशीर्वाद लेने के बाद ही नवदंपत्ति अपनी गृहस्थ जीवन की शुरुआत करते हैं। यहां हर साल चैत्र व क्वांर नवरात्रि में मनोकामना ज्योति कलश प्रज्वलित होती है और यहां जवारा का अनूठे तरीके से विसर्जन किया जाता है।
: विधानसभा अध्यक्ष चरण दास महंत की नेतृत्व में कराया गया विशाल जनसभा का आयोजन
Mon, Oct 23, 2023
विधानसभा अध्यक्ष चरण दास महंत की नेतृत्व में कराया गया विशाल जनसभा का आयोजन शक्ति जिला के तीन विधानसभा में तीनों प्रत्याशी नामांकन दाखिल करने के पश्चात मुख्यमंत्री श्री बघेल जी का आगमन शक्ति जिला में हुआ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित श्री बघेल गृह मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू राजस्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी की प्रभारी कुमारी शैलजा देवी उपस्थित रहे कोरबा से भारी संख्या में श्री जय सिंह अग्रवाल के नेतृत्व में कांग्रेस के हजारों कार्यकर्ता व पदाधिकारी शामिल हुए जिसमें प्रमुख रूप से कोरबा के महापौर श्री राज किशोर प्रसाद एवं जिला कांग्रेस कमेटी के ग्रामीण श्री सुरेंद्र जायसवाल जिला अध्यक्ष उपस्थित रहे संतोष राठौड़ श्री फुल दास जी श्री चंद्र कुमार नियोजन कांग्रेस कमेटी जिला महामंत्री भी शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री बघेल ने सभा को संबोधित करते हुए अपने उद्बोधन में से सभी से कांग्रेस को भारी मतों से विजई बनाने की अपील की वह अपने कांग्रेस कार्यकाल आने पर पूरे प्रदेश के किसानों की कर्ज माफी की घोषणा की श्री बघेल ने कांग्रेस के विभिन्न उपलब्धियां के उल्लेख करते हुए सभा को संबोधित किया।