: दीपका क्षेत्रातंर्गत डीजल चोर चढे पुलिस के हत्थे,315 लीटर डीजल जप्त
Mon, Nov 27, 2023
मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि एस.ई.सी.एल. गेवरा प्रोजेक्ट के सुरक्षा उप निरीक्षक नंदलाल राय पिता सहदेव राय उम्र 58 वर्ष साकिन एमक्यू 30 उर्जा नगर का थाना आकर लिखित रिपोर्ट दर्ज कराया कि एस.ई.सी.एल. गेवरा खदान के बी-2 कोल स्टाक में लगे पीसी मशीन से लगभग 350 लीटर डीजल चोरी कर बोलेरो वाहन क्रमांक सीजी 12बीडी 7191 के चालक द्वारा चोरी कर लिया गया है। प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना दीपका मे अपराध क्रमांक 400/2023 धारा 379 भादवि पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। मामले की जानकारी तत्काल वरिष्ठ पुलिस अधिकारीगण “श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय कोरबा श्री जितेन्द्र शुक्ला (भा0पु0से0), अति0 पुलिस अधीक्षक महोदय कोरबा श्री अभिषेक वर्मा, नगर पुलिस अधीक्षक महोदय दर्री श्री रौबिनसन गुडिया को प्रकरण के हालात से अवगत कराकर एंव दिशा निर्देश मार्गदर्शन प्राप्त कर हमराह स्टाफ एवं प्रार्थी एवं गवाह को लेकर बोलेरो क्रमांक सीजी 12बीडी 7191 को तलाश करते हुए आरोपी वाहन स्वामी अरविंद के सकुनत ग्राम कोरई थाना बाकीमोंगरा पहुंचे तब वाहन स्वामी पुलिस को देखकर भागने लगा जिसे घेराबंदी कर पकड़े। आरोपी से पूछताछ करने पर जुर्म स्वीकार करते हुए अपने एक अन्य साथी आरोपी नाजीर खान उर्फ टोबो के साथ मिलकर डीजल चोरी करना स्वीकर करने पर आरोपी के पेश करने पर घटना में प्रयुक्त बोलेरो क्रमांक सीजी 12बीडी- 7191 एवं 04 जरीकेन में लगभग 140 लीटर डीजल एवं डीजल निकालने का पाईप जप्त किया गया है। आरोपी को हिरासत में लेकर उसके उसके साथी आरोपी नाजीन खान उर्फ टोबो को ग्राम नोनबिर्रा जाकर आरोपी के मेमोरण्डम कथन के मुताबिक 5 जरीकेन में लगभग 175 लीटर डीजल जप्त किया गया है। जुमला 315 लीटर डीजल कीमती लगभग 31500 रूपये एवं घटना में प्रयुक्त बोलेरो क्रमांक सीजी 12बीडी- 7191 आरोपियों से जप्त किया गया है। आरोपियों के विरूद्ध धारा सदर का अपराध सबूत पाये जाने से आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया है।
: ठगी करने वाले बैंक कैशियर को चैतमा पुलिस ने किया गिरफ्तार
Mon, Nov 27, 2023
▪️ *ठगी करने वाले बैंक कैशियर को चैतमा पुलिस ने किया गिरफ्तार*
▪️ *यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया चैतमा के कैशियर प्रार्थी के 35000 रुपए धोखाधड़ी किया*
*आरोपी:-*
पंचू राम कुर्रे पिता स्व. लाल दास कुर्रे उम्र 49 वर्ष साकिन बगीचापरा अमेरी सकरी जिला बिलासपुरश्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय कोरबा श्री जितेन्द्र शुक्ला के द्वारा अवैध गतिविधियों पर प्रभावी कार्यवाही करने एवं असामाजिक तत्वों के विरुद्ध कार्यवाही करने के निर्देश पर लगातार कार्यवाही किया जा रहा है। इसी क्रम में प्रार्थीया श्रीमति शुशीला बाई पति गणेश राम कवर उम्र 36 वर्ष साकिन भोडकच्छार पटपरा पुसके चैतमा के द्वारा दिनांक 01/07/2023 को पु. स. के. चैतमा उपस्थित आकर रिपोर्ट दर्ज कराई की दिनाँक 30/11/2022 को प्रार्थिया अपने यूनियन बैंक शाखा चैतमा के बचत खाता क्रमांक 421002120011014 में 35000 रूपये बैंक जमा पर्ची भरकर केसियर आरोपी पंचू राम कुर्रे के समक्ष पेश की थी जो केसियार पंचु राम कुर्रे द्वारा प्रार्थियां को 35000 रूपये जमा करने का पावती देकर भेज दी थी प्रार्थियाँ 3 महीने बाद अपने खाता से पैसा निकालने हेतु बैंक आकर आहरण पर्ची भरकर पैसा निकालना चाही जो पता चला की प्रार्थियां के खाते में पैसा ही नहीं है तब ठगी होने का अहसास होने पर प्रार्थियां केशियर पंचू राम कुर्रे से संपर्क करने पर गोलमाल जवाब देकर प्रार्थियां को गुमराह करने के रिपोर्ट पर हालत को श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय श्री जितेन्द्र शुक्ला भा पु से को अवगत कराने पर तत्काल कार्यवाही हेतु आदेशित करने पर श्रीमान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय श्री अभिषेक वर्मा रा पु से एवम एसडीओपी महोदय कटघोरा के पर्यवेक्षण थाना प्रभारी पाली अभिनावकांत सिंह चौकी प्रभारी चैतमा सुरेश कुमार जोगी को तत्काल कार्यवाही हेतु आदेशित करने पर आरोपी पंचू राम कुर्रे की पता साजी करने पर आरोपी पंचू राम कुर्रे 5 महीने से फरार चल रहा था जिसे आज दिनांक 25/11/23 को साइबर सेल कोरबा की मदद से आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड में भेजा गया है।
: अनंत फलदाई है कार्तिक पूर्णिमा - अरविन्द तिवारी
Mon, Nov 27, 2023
जांजगीर चांपा – सनातन धर्म में कार्तिक मास का विशेष महत्व है। पुराणों में सभी कार्तिक माह को आध्यात्मिक और शारीरिक ऊर्जा संचय के लिये उचित माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु और भगवान शंकर की आराधना की जानी चाहिये। इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुये अरविन्द तिवारी ने बताया कि शास्त्रों में बारहों महीनों में कार्तिक महीने को आध्यात्मिक एवं उर्जा संचय के लिये सर्वश्रेष्ठ माना गया है। वैसे तो साल भर में बारह पूर्णिमा होती है लेकिन अधिकमास या मलमास को भी जोंड़ दिया जाये तो कुल मिलाकर तेरह पूर्णमायें हो जाती हैं लेकिन इनमें कार्तिक पूर्णिमा का विशेष महत्व है। इस दिन गंगा स्नान करने से पूरे वर्ष गंगा स्नान करने का फल मिलता है। कार्तिक महीने का यह सबसे अन्तिम दिन और कार्तिक पूर्णिमा आज है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान , दान के साथ साथ दीपदान का पुण्य अन्य दिनों के अपेक्षा कई गुना अधिक प्राप्त होता है। स्वयं नारायण ने भी कहा है कि महिनों में , मैं कार्तिक माह हूंँ। कार्तिक मास परम पावन होता है , इस महीने में किये गये पुण्य कर्मों का अनन्त गुणा फल मिलने की मान्यता है। कार्तिक पूर्णिमा के दिन व्रत रखना बेहद शुभ माना जाता है , धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन व्रत रखने वाले व्यक्ति को हजार अश्वमेध और सौ राजसूय यज्ञ का फल मिलता है। शास्त्रों में उल्लेख है कि स्वयं विष्णुजी ने ब्रह्माजी को , ब्रह्मा जी ने नारद मुनि को और नारदजी ने महाराज पृथु को कार्तिक मास का महत्व बताया। इस माह की त्रयोदशी , चतुर्दशी और पूर्णिमा को पुराणों में अति पुष्करिणी कहा गया है। मान्यता है कि इस दिन स्वर्ग से देवतागण भी आकर गंगा में स्नान करते हैं , इसलिये इस दिन गंगा स्नान जरूर करें। अगर आपके लिये यह कर पाना संभव ना हो तो घर पर ही स्नान के जल में गंगाजल मिलाकर नहा लें। स्कन्द पुराण के अनुसार जो प्राणी कार्तिक मास में प्रतिदिन स्नान नहीं करता है वह यदि केवल इन तीन तिथियों में सूर्योदय से पूर्व स्नान करे तो भी माह के पूर्ण फल का भागी हो जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन व्रत और पूजन करके बछड़ा दान करने से शिवलोक की प्राप्ति होती है। माना जाता है कि इस दिन किसी भी पवित्र नदी में स्नान करने से मनुष्य के सभी पाप धूल जाते हैं , वहीं दीपदान करने से सभी देवताओं का आशीर्वाद मिलता है। कार्तिक पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है। पूर्णिमा के दिन सुबह किसी पवित्र नदी, सरोवर या कुंड में स्नान और दीपदान करना बहुत शुभ माना जाता है। इस दिन गंगा स्नान और दान दस यज्ञों के समान माना गया है। यदि आपके घर के पास नदी नहीं है तो आप किसी मंदिर में जाकर दीपदान करें , इससे आपकी परेशानियां दूर होती है और परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है। कार्तिक पूर्णिमा का व्रत रखने वालों को इस दिन हवन जरूर करना चाहिये और किसी जरुरतमंद को भोजन कराना चाहिये। ऐसी मान्यता है कि कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा में या तुलसी के पास दीप जलाने से महालक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। पौराणिक कथा के अनुसार देवता अपनी दिवाली कार्तिक पूर्णिमा की रात को ही मनाते हैं , इसलिये यंह सबसे महत्वपूर्ण दिनों में से एक है।कार्तिक पूर्णिमा के दिन शिवा , सम्भूति , प्रीति , संतति , अनुसुइया समेत क्षमा नामक छह तपस्विनी कृतिकाओं का पूजन करने का विशेष महत्व है , शाम को चंद्रमा निकलने पर इनका पूजन करना चाहिये। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन्हें कार्तिक की माता माना गया है , इनकी पूजा करने वालों के घर में धन-धान्य की कभी कमी नहीं होती।आज देव दीपावलीइसी दिन महादेव ने त्रिपुरासूर नामक राक्षस का संहार किया था , जिससे देवगण बहुत प्रसन्न हुये। इस दिन भगवान विष्णु ने शिवजी को त्रिपुरारी नाम दिया जो शिव के अनेकों नामों में से एक है। इसलिये इस पूर्णिमा का एक नाम त्रिपुरी पूर्णिमा भी है। त्रिपुरासुर के वध होने की खुशी में सभी देवता स्वर्गलोक से उतरकर काँशी में दीपावली मनाते हैं। तभी से इस दिन श्रद्धालुओं द्वारा कांँशी में गंगा नदी के घाटों पर दीपदान कर दीपावली मनायी जाती है। यही नहीं यह भी कहा जाता है कि इस दिन भगवान विष्णु ने धर्म , वेदों की रक्षा के लिये मत्स्यावतार धारण किया था।धार्मिक मान्यता है कि भगवान विष्णु इस मास में मत्स्य रूप में जल में विराजमान रहते हैं और आज ही के दिन मत्स्य स्वरूप को छोंड़कर वापस बैकुंठ चले जाते हैं। इसी दिन देवी तुलसी भी बैकुंठधाम गयी थी। ऐसा माना जाता है कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन सोनपुर में गंगा गंडकी के संगम पर गज और ग्राह का युद्ध हुआ था। गज की करुणामयी पुकार सुनकर भगवान विष्णु ने ग्राह का संहार कर भक्त की रक्षा की थी। इस वजह से देवताओं ने स्वर्ग में दीपक जलाये थे। तभी से देवताओं की दीपावली होने के कारण इस दिन देवताओं को दीपदान किया जाता है। दीपदान करने से सभी प्रकार की मनोकामनायें पूर्ण होती है और जीवन में आने वाली परेशानियाँ भी दूर होती हैं। कार्तिक पूर्णिमा के दिन व्रत रखने से हजार अश्वमेध और सौ राजसूय यज्ञ का फल प्राप्त होता है। इस दिन गौ , अश्व और घी आदि के दान से संपत्ति में बढ़ोतरी होती है। इस दिन सत्यनारायणजी की कथा , विष्णुपुराण , विष्णु सहस्रनाम , कनकधारा का पठन , श्रवण करने वाले जातकों को मोक्ष प्राप्त होता है। इस दिन सरसों का तेल , तिल , काले वस्त्र किसी जरूरतमंद को दान करना चाहिये , ऐसा करने से आपको पुण्य फल प्राप्त होगा। ऐसा करने से आप कई क्षेत्रों में सफलता अर्जित करेंगे , साथ ही सारे कष्टों से मुक्ति मिलती है। कार्तिक पूर्णिमा की शाम को तुलसी के पौधे के पास दीपक जलाकर तुलसी माता का स्मरण करते हुये पौधे के चारो तरफ परिक्रमा करने से भगवान विष्णु जी का आशीर्वाद प्राप्त होता है और आर्थिक समस्यायें दूर होती हैं।देव दीपावली की पहली कथादेव दीपावली की कथा महर्षि विश्वामित्र से जुड़ी है। मान्यता है कि एक बार विश्वामित्रजी ने देवताओं की सत्ता को चुनौती देते हुये अपने तप के बल से त्रिशंकु को सशरीर स्वर्ग भेज दिया। यह देखकर देवता अचंभित रह गये , क्योंकि विश्वामित्र जी ने ऐसा करके उनको एक प्रकार से चुनौती दे दी थी। इस पर देवता त्रिशंकु को वापस पृथ्वी पर भेजने लगे , जिसे विश्वामित्र ने अपना अपमान समझा। उनको यह हार स्वीकार नहीं थी तब उन्होंने अपने तपोबल से उसे हवा में ही रोक दिया और नई स्वर्ग तथा सृष्टि की रचना प्रारंभ कर दी , इससे देवता और भी भयभीत हो गये। उन्होंने अपनी गलती की क्षमायाचना तथा विश्वामित्र को मनाने के लिये उनकी स्तुति प्रारंभ कर दी। अंतत: देवता सफल हुये और विश्वामित्र उनकी प्रार्थना से प्रसन्न हो गये , और उन्होंने दूसरे स्वर्ग और सृष्टि की रचना बंद कर दी। इससे सभी देवता प्रसन्न हुये और उस दिन उन्होंने दिवाली मनायी जिसे देव दीपावली कहा गया।